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के एस के महानदी पावर कम्पनी के द्वारा 20 भूविस्थापित मजदूरों को नौकरी से बाहर करने के वजह से न्याय के लिए दर दर भटक रहे मजदूर, कलेक्टर और श्रम पदाधिकारी के कार्यशैली से त्रस्त होकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से न्याय के लिए लगा रहे है गुहार

JANJGIR-CHAMPA: के एस के महानदी पावर कम्पनी लिमिटेड नरियरा के 20 भूविस्थापित मजदूर विगत 8 महीने से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे है पर जिला प्रशासन के उदासीन रवैये से त्रस्त मजदूरों को कुछ समझ नही आ रहा है, नौकरी से निकाले गए भूविस्थापित मिथलेश दुबे ने बताया कि कलेक्टर जे पी पाठक यहाँ सही कार्य नही कर रहे है और उद्योगपतियों के हाथों कठपुतली बने बैठे है, दाऊलाल लहरे ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हमे जल्द नौकरी दिलाये वही रामलाल केवट ने बताया कि इतने दिनों से वेतन नही मिल रहा है जिससे परिवार का गुजारा नही हो रहा है और अशोक राठौर ने कहा है कि कलेक्टर और श्रम पदाधिकारी की उद्योगपतियों से मिलीभगत करके मजदूरों का शोषण करने में मदद कर रहे है।
आपको बता दे इनके द्वारा लगातार 8 महीने से संघर्ष किया जा रहा है जिसके दौरान 70 मजदूरों को आमरण अनशन के दौरान जेल में भी डाल दिया गया था, जिसके बाद फिर दोबारा 23 दिसम्बर 2019 से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया गया जो कोरोना महामारी के वजह से 19 मार्च 2020 को 87 दिनों के बाद स्थगित किया जिस इस बीच जिला प्रशासन ने कोई भी पहल नही किया, मजदूरों ने सीधा सीधा आरोप लगाया है कि कलेक्टर और श्रम पदाधिकारी मजदूरों को न्याय दिलाने के बजाय उद्योगपतियों का एजेंट बने बैठे है और सरकार भी भूविस्थापितो मजदूरों को न्याय दिलाने में कोई रूचि नही दिखा रहा है ऐसे में मजदूरों के द्वारा वीडियो सन्देश जारी करके मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से गुहार लगाया गया है कि हमारी नौकरी वापस दिलाये।
2 अप्रैल 2020 राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की भी मांग कर चुके ये श्रमिक इस लिए भी गुस्से में है कि हर जगह से कार्यवाही के लिए पत्र जिला कलेक्टर के पास आ रहा है पर कलेक्टर मजदूरों की बहाली या उनके जीवन यापन के लिए कोई पहल नही कर रहे है जबकि सभी 20 मजदूर भूविस्थापित है।

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